पांवटा साहिब में लम्पी रोग पर जागरूकता शिविर, पशुपालकों को दिए बचाव के टिप्स

पांवटा साहिब में लम्पी रोग पर जागरूकता शिविर, पशुपालकों को दिए बचाव के टिप्स

पांवटा साहिब में लम्पी रोग पर जागरूकता शिविर, पशुपालकों को दिए बचाव के टिप्स

न्यूज ऐप/पांवटा साहिब

पशुपालन विभाग द्वारा उप मंडलीय पशु चिकित्सालय पांवटा साहिब में लम्पी चमड़ी रोग (LSD) की रोकथाम एवं नियंत्रण को लेकर एक दिवसीय प्रशिक्षण व जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में क्षेत्र के बड़ी संख्या में पशुपालकों ने भाग लिया।

शिविर में जिला सिरमौर के उप निदेशक पशुपालन विभाग डॉ. राजीव वालिया ने पशुपालकों को संबोधित करते हुए कहा कि लम्पी स्किन डिजीज मुख्यतः वेक्टर जनित संक्रामक रोग है, जो मक्खी-मच्छर और अन्य बाह्य परजीवियों के काटने से फैलता है। उन्होंने कहा कि इस बीमारी के प्रसार को रोकने के लिए पशुशाला में स्वच्छता बनाए रखना और मक्खी-मच्छर नियंत्रण अत्यंत जरूरी है।

पशु चिकित्सा अधिकारी राजपुर डॉ. अंजली ने पशुपालकों को बीमारी के प्रमुख लक्षणों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि इस रोग में पशु को तेज बुखार आता है, त्वचा पर गांठें और घाव बन जाते हैं, भूख कम लगती है, पशु कमजोर हो जाता है और आंख व नाक से पानी बहता है। ऐसे लक्षण दिखते ही पशुपालक सतर्क हो जाएं।

उन्होंने स्वस्थ पशुओं के समय पर टीकाकरण के महत्व पर भी जोर दिया। कहा कि टीकाकरण ही इस बीमारी से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।

प्रशिक्षण के दौरान विशेष रूप से बताया गया कि यदि किसी पशु में बीमारी के लक्षण दिखें तो उसे तुरंत स्वस्थ पशुओं से अलग कर क्वारंटीन कर दें और तुरंत नजदीकी पशु चिकित्सक को सूचना दें। बीमार पशु के लिए चारा-पानी की अलग व्यवस्था रखें और पशुशाला की नियमित सफाई करें।

पशु चिकित्सकों ने कहा कि बीमार पशुओं का उपचार किसी भी झोलाछाप से नहीं, बल्कि पशु चिकित्सक की सलाह से ही करवाएं।

शिविर के अंत में पशुपालकों की शंकाओं का समाधान किया गया और उन्हें टीकाकरण, वेक्टर नियंत्रण, रोग की शीघ्र पहचान और उपचार संबंधी व्यावहारिक जानकारी दी गई। कार्यक्रम का उद्देश्य पशुपालकों की सहभागिता से लम्पी रोग के प्रसार को रोकना और पशुधन के स्वास्थ्य व दुग्ध उत्पादन को सुरक्षित रखना रहा।

Related posts

Leave a Comment